प्रबंधक उद्बोधन
प्रिय प्रवेशार्थी,
महाविद्यालय में प्रवेश हेतु आपका स्वागत है I माँ सरस्वती की आराधना में अपने साथ सम्मिलित करके मैं हर्ष का अनुभव करते हुये कामना करता हूँ कि आप अपनी आराधना निर्विघ्न और सफलतापूर्वक पूर्ण कर अपने लक्ष्य को प्राप्त करेंगे l
प्रबुद्ध और प्रगतिशील शिक्षित नागरिक होने के कारण आज समाज के प्रति अपने उत्तरदायित्वों से भली-भांति परिचित होंगे, फिर भी मैं आपको यह स्मरण कराना अपना दायित्व व कर्तव्य समझता हूँ कि आपका यह महाविद्यालय वह पवित्र विद्या मन्दिर हैं जहाँ निरन्तर उदेश्य पूर्ण परिश्रम से आप अपने सुखद व सफल भविष्य का निर्माण कर सकते हैं l इस विद्या मन्दिर की पवित्रता आपके जीवन की पवित्रता से जुडी हैं l
महाविद्यालय के गुरुजन आपके पथ प्रदर्शन हैं तथा आपको प्रेरणा, परामर्श और प्रोत्साहन देने हेतु सदैव तत्पर रहते हैंl यदि आप भी सच्चे जिज्ञासु की भांति उनके प्रति निष्ठा, सम्मान और अपनत्व की भावना रखते हुये उनसे मार्गदर्शन प्राप्त करें तो मुझे पूर्ण विश्वास है कि विद्या के अमृतसे आपका ह्रदयरूपी पात्र सदैव पूर्ण रहेगा l ध्यान रहे गुरुजन भी माता – पिता की भांति आपके शुभचिन्तक व मार्गदर्शन हैं आपके श्रेष्ठ आचरण में उनका शुभाशीष शामिल होकर निश्चय हो आपका मार्ग प्रशस्त करेगा l
आप सभी से मेरा विशेष अनुरोध है की महाविद्यालय परिसर के अन्दर सामाजिक बुराइयों को न पनपने दें और कोई ऐसा कार्य न करें जिससे महाविद्यालय का शैक्षिक वातावरण दूषित हो l यह महाविद्यालय न केवल शिक्षा की दृष्टी से अपितु क्रीड़ा, सेवा भावना तथा अन्य उत्तम गुणों की दृष्टि से भी आपके जीवन के सर्वांगीण विकास के अवसर उपलब्ध कराता है l आप इन सभी अवसरों का लाभ उठायें और प्रगति की ओर बढ़े, यही मेरी कामना है l
आपके उज्जवल भविष्य की शुभ कामना करते हुये l
प्रबन्धक
आकाश सिंह (ऋषि)
ब्लॉक प्रमुख , सहार , औरैया
